यह लेख मोदी की प्रमुख नीतियों—जैसे आर्थिक विकास, बेरोज़गारी, और सामाजिक न्याय—पर तथ्यों और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर सार्थक चर्चा प्रस्तुत करता है। यह कोई सनसनी फैलाने वाली पोस्ट नहीं बल्कि तथ्य-आधारित विश्लेषण है।
केन्द्रीय बजट अनुसार 2024‑25 में GDP वृद्धि दर 6.5% रही, लेकिन IMF के अनुसार संशोधित आँकड़े 5.9% तक दिख रहे हैं। इसके पीछे निम्न‑लिखित कारण प्रमुख हैं: […]
CMIE की रिपोर्ट बताती है कि जून 2025 में youth unemployment दर 18.8% थी […source link…]। युवा वर्ग के लिए अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने Skill India और PMEGP जैसी योजनाएं चलाईं, लेकिन उनकी प्रभावशीलता पर विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं। […]
Farmer Income Survey 2024‑25 अनुसार किसान आय में वृद्धि सिर्फ 4% रही जबकि input लागत बढ़ी। MSP पर लंबित भुगतान ₹____ तक हो गया है […]
National Health Profile 2024 में per capita health spending ढाई गुना रहने के बावजूद survival rates में बेहतर सुधार धीमा रहा। स्कूल dropout rates 2023‑24 में __% रहीं।
Press Freedom Index 2024 में भारत 161वें स्थान पर, जिसे सरकार के मीडिया नियंत्रण पर सवाल उठते हैं। पत्रकार A पर UAPA मुकदमा […source link…]।
भारत की जनसंख्या का 65% से अधिक हिस्सा 35 वर्ष से कम उम्र का है। ऐसे में युवा बेरोज़गारी एक गंभीर और राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बन चुका है। भले ही GDP वृद्धि दर स्थिर हो, लेकिन रोज़गार सृजन के मोर्चे पर सरकार को कई बार आलोचना का सामना करना पड़ा है।
CMIE (Centre for Monitoring Indian Economy) की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 में भारत की समग्र बेरोज़गारी दर 8.1% थी, जबकि 15–29 वर्ष की आयु के युवाओं में यह आंकड़ा 18.8% तक पहुँच गया।
एक RTI के तहत सामने आया है कि 2024–25 में केंद्र सरकार द्वारा घोषित नौकरियों की संख्या में 27% की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे यह साफ होता है कि मांग और आपूर्ति में बहुत बड़ा अंतर है।
👉 CMIE Unemployment Dashboard
👉 PIB Data on Skill Schemes
👉 PRS Legislative Research – Youth Jobs
बेरोज़गारी का यह संकट केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक असंतुलन और राजनीतिक अस्थिरता का कारण भी बन सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर युवाओं को समय पर उपयुक्त अवसर नहीं दिए गए, तो यह देश की उत्पादकता और विकास दोनों के लिए खतरा बन सकता है।
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