केरल के मलप्पुरम जिले के रहने वाले अब्दुल मलिक सर एक ऐसे शिक्षक हैं जिनकी कहानी ने पूरे भारत को प्रेरित किया है। वे एक सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं, लेकिन उनकी पहचान सिर्फ एक शिक्षक के रूप में नहीं, बल्कि समर्पण और मानवता की मिसाल के रूप में होती है।
अब्दुल मलिक सर हर रोज स्कूल जाने के लिए तैरकर एक नदी पार करते थे, ताकि समय पर छात्रों को पढ़ा सकें। यह नदी कल्लर नदी है, जो बरसात में और भी खतरनाक हो जाती है। लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए वह हर दिन भीगी किताबें और भीगा शरीर लेकर स्कूल पहुँचा करते थे — बिना एक दिन छुट्टी लिए।
उनकी यही लगन, कर्तव्यनिष्ठा और सच्ची सेवा भावना ने उन्हें देशभर में प्रसिद्ध बना दिया। उनका वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, और कई मीडिया संस्थानों ने उनकी कहानी को कवर किया।
उनका यह प्रयास न केवल एक शिक्षक की भूमिका को ऊँचा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक व्यक्ति भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है।
प्रिय अब्दुल मलिक सर,
आपका समर्पण हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। आपने यह सिद्ध कर दिया कि एक सच्चा शिक्षक सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाता, बल्कि जीवन का सही अर्थ सिखाता है।
आपके द्वारा दिखाया गया जुनून, कर्तव्य और बच्चों के प्रति प्रेम वाकई में असाधारण है।
आपने शिक्षा को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक पवित्र सेवा बना दिया। हम आपके इस समर्पण के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं।
आपके जैसे गुरु समाज की असली नींव हैं।
धन्यवाद और सलाम 🙏
~ सभी छात्रों और समाज की ओर से
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