पिछले कुछ हफ्तों में कई मामलों में सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें, मॉर्फ्ड वीडियो और मानसिक उत्पीड़न की घटनाएँ सामने आई हैं। इसके चलते अब कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से इस पर सख्त कदम उठाने की माँग की है।
कुछ संगठनों ने तो Twitter (अब X), Instagram और Facebook को बैन करने तक की माँग कर डाली है। वहीं टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि बैन की बजाय कड़ा रेगुलेशन होना चाहिए जिससे लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी बनी रहे और समाज पर गलत असर भी न पड़े।
सरकार ने संकेत दिया है कि अगर सोशल मीडिया कंपनियाँ भारत के कानूनों का पालन नहीं करेंगी तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल देशभर में यह बहस तेज़ हो गई है कि सोशल मीडिया हमारे समाज को जोड़ रहा है या तोड़ रहा है।
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