📣 "हम ज़मीन से उठे हैं, ज़मीर से नहीं हटे हैं..."
मैं AIMIM का नेता नहीं, पर उसके हक़ की लड़ाई का हिस्सा हूं।”बनकर बोल रहा हूं — ना किसी तिजोरी से, ना किसी तख़्त से। हमारी राजनीति गरीब के हक़, मुस्लिम की इज़्ज़त और संविधान की गरिमा के लिए है। आज जब हर तरफ़ नफ़रत का बाज़ार गर्म है, AIMIM इंसाफ़ की आवाज़ बनकर खड़ी है।AIMIM कभी भी कुर्सी की राजनीति नहीं करती, हम बोलने वालों की आवाज़ हैं — जिन्हें हर बार खामोश किया गया, डराया गया, गुमनाम किया गया।
मैं आपके बीच से आया हूं, और आपकी लड़ाई ही मेरी लड़ाई है।
AIMIM का हर कार्यकर्ता जनता से सीधा जुड़ा है। हम झूठे वादों या जात-पात की राजनीति में नहीं, काम और किरदार
हम लड़ते हैं, बोलते हैं, झुकते नहीं!
जहां बाकी पार्टियां चुनाव आते ही मस्जिदों और मंदिरों की तरफ़ दौड़ती हैं, AIMIM हर दिन मोहल्ले के स्कूल, अस्पताल, रोजगार और इंसाफ़ के लिए काम करती है।
हम सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं — हर उस इंसान के लिए हैं जो न्याय चाहता है।
AIMIM में मंत्री नहीं, मजदूरों से लेकर मदरसा टीचर तक लीडर हैं। हमारे पास महंगे ऑफिस नहीं, लेकिन हर वक़्त जनता का दरवाज़ा खुला है।
हम संसद में शेर हैं, सड़क पर भाई हैं — AIMIM यही है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी आवाज़ दिल्ली से पटना तक सुनी जाए, तो अब वक्त है झुकने वालों को हटाने का और हक़ से खड़े होने वालों को लाने का। AIMIM सिर्फ एक पार्टी नहीं, एक आंदोलन है — और आप उसका हिस्सा हैं।
🫶 "आपका समर्थन हमारे लिए सिर्फ वोट नहीं — विश्वास और संघर्ष की नींव है। AIMIM आपकी आवाज़ है, और हम उसे कभी कमजोर नहीं पड़ने देंगे। शुक्रिया, जुड़िए – और बदलाव का हिस्सा बनिए।"
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