✍️ लेखक: Md Majid Ansari
नमस्कार! मैं Md Majid Ansari, आज बिहार की जनता की सबसे बड़ी चिंता — महंगाई पर लिख रहा हूँ। 2025 में महंगाई ने एक बार फिर से आम आदमी की कमर तोड़ दी है। चाहे सब्ज़ी हो, गैस सिलेंडर, बिजली बिल या दवाइयाँ — हर चीज़ की कीमतें आसमान छू रही हैं।
टमाटर ₹100 किलो, प्याज़ ₹60, और आलू ₹40 किलो हो चुका है। दालें और आटा भी पहले से 30% महंगे हो चुके हैं। रोज़ की ज़रूरतें अब लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं।
गैस सिलेंडर अब ₹1300 के पार चला गया है। वहीं बिजली के बढ़ते दामों ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है।
सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी और प्राइवेट क्लिनिक की फीस आम आदमी के बस से बाहर हो चुकी है। बीमार होना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सरकार महंगाई को लेकर सिर्फ आश्वासन दे रही है। लेकिन ग्राउंड पर राहत दिखाई नहीं दे रही। जनता को "सब ठीक है" जैसे बयान नहीं, राहत चाहिए।
लोगों का कहना है कि उन्हें कोई योजना नहीं चाहिए, बल्कि रोज़मर्रा की चीज़ें सस्ती चाहिए। हर घर का बजट गड़बड़ा चुका है, और आम आदमी के पास बचत नहीं बची है।
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✍️ यह पोस्ट Md Majid Ansari द्वारा लिखी गई है, जो बिहार के जमीनी मुद्दों को आवाज़ देने का काम कर रहे हैं।
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