✍️ लेखक: Md Majid Ansari
मैं Md Majid Ansari, आज आपके सामने ला रहा हूँ बिहार की उस समस्या को, जो हर घर में अंधेरे की तरह घुस चुकी है — बिजली संकट। चाहे शहर हो या गांव, हर जगह लोग परेशान हैं। इस पोस्ट में हम समझेंगे कि आखिर ये संकट क्यों आया, इसका असर क्या है, और सरकार क्या कर रही है।
2025 की गर्मियों में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई, लेकिन सप्लाई वैसी नहीं रही। कई थर्मल प्लांट कोयले की कमी से जूझ रहे हैं, और ट्रांसमिशन लाइनें भी पुरानी हो चुकी हैं।
गांवों में तो हालात और भी खराब हैं। रात में बिजली ना होने से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे, और किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे। कई इलाकों में 6–8 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं आ रही।
पटना, गया, दरभंगा जैसे शहरों में भी अब रोज़ाना power cut हो रहा है। इन्वर्टर और जेनरेटर पर निर्भरता बढ़ गई है, जिससे खर्च और बढ़ रहा है।
सरकार ने दावा किया है कि अगले 2 महीनों में 3 बड़े thermal plant चालू किए जाएंगे, और solar power को भी बढ़ावा दिया जाएगा। लेकिन ground reality में सुधार फिलहाल कम दिख रहा है।
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✍️ यह पोस्ट Md Majid Ansari द्वारा लिखी गई है, जो बिहार के जमीनी मुद्दों को आवाज़ देने का काम कर रहे हैं।
आपका साथ ही मेरी ताकत है।
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